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उनकी कविताओं और साहित्यिक रचनाओं से कुछ चयनित पंक्तियाँ।
सद्भावनाओं का आत्मा के साथ, सतत् सहवास ही, साहित्य है।
तस्वीरों और संस्मरणों में सहेजा गया एक जीवन।
संस्मरण
चिन्तन के गीत
— सोम ठाकुर
“कहने को तो हम आवारा स्वर हैं, इस वक्त सुबह के आमंत्रण पर हैं, हम ले आए हैं बीज उजाले में, पहचानो! सूरज के हस्ताक्षर हैं।” …